रानीपुर टाईगर रिजर्व, चित्रकूट के उप निदेशक/प्रभागीय वनाधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में टाईगर रिज़र्व के क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे है. जिसके अन्तर्गत वन्यजीवों के पेयजल की व्यवस्था के लिए वन क्षेत्रों में वाटर हॉल्स का निर्माण किया जा रहा है। चित्रकूट में ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्म रहता है। चित्रकूट की भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार रानीपुर टाइगर रिजर्व के बनों में जल की कभी भी होने लगती है। उन क्षेत्रों में पानी के पेयजल के स्रोत बहुत ही कम रह जाते है, पेड़ों में वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिए अनवरत परिश्रम किया जाता है। टाईगर रिजर्व प्रशासन में वन्यजीवों के लिए जल संरक्षण के दृष्टिगत अर्थ विगेड फाउण्डेशन (Farth Pigale Foundation) के सहयोग से कौर वन क्षेत्रों में तीन स्टेलर पम्प लगाये गये है। अर्थ बिग्रेड फाउण्डेशन कन्या एवं वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली संस्था है. इस संस्था द्वारा पन्ना टाईगर रिजर्व (मध्य प्रदेश), कालागढ़ टाईगर रिजर्व (उत्तराखण्ड बांदीपुर (कर्नाटका, कान्हा नेशनल पार्क, पेंच टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश), पीलीभीत टाइगर रिजर्व (30) इत्यादि कन क्षेत्रों में वन्यजीवों के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। उप निदेशक, रानीपुर टाईगर रिज़र्व श्री नरेन्द्र कुमार सिंह चित्रकूट के विशेष प्रयास से एवं अर्थ विगेड फाउंडेशन के सहयोग से मानिकपुर के कोर वन क्षेत्र में लीन सोलर पम्प हनुमान चौक. रूझौहा चौकी , सत्ती चौकी में लगाये गये है। जिसका संचालन वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था के लिए किया जा रहा है। रानीपुर टाईगर रिजर्व प्रशासन द्वारा वन्यजीवो के संरक्षण संवर्धन की दिशा में कदम उठाये जाते रहेगें।


